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शुक्रवार, 27 मई 2011
बुदापैश्त - ४
शाम रौशन
काम से छुट्टी
भीड़ गहमह
छतरियों के झुंड
अपनापन स्वजन का
तश्तरी में स्वाद मन का
2 टिप्पणियाँ:
संध्या सिंह
Oct 1, 2011 03:06 AM
सुंदरता से पिरोये गए शब्द ...
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Rachana
Oct 4, 2011 07:20 AM
स्वाद मन का क्या बात है
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सुंदरता से पिरोये गए शब्द ...
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