एक आँगन धूप
कुछ ऐसी क्षणिकाएँ जो गीत तक नहीं पहुँचीं
मेरे अन्य ब्लॉग
Min bopæl - मेरा पता डैनिश में
Чайхана - चाय-गुमटी रूसी में
अभि-अनु सूचनाएँ
चोंच में आकाश
नवगीत की पाठशाला
शुक्रवार चौपाल
बृहस्पतिवार, 19 नवम्बर 2009
मुँडेर पर गुलमोहर
1
--
फिर मुँडेरों पर झुकी
--
गुलमोहर की बाँह
--
फिर हँसी है छाँह
--
फिर हुई गुस्सा सभी पर धूप
--
क्या परवाह
0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुखपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें