मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

चाँद और सन्नाटा


सन्नाटा सीने में
कोई चाँद उगाता है
आवाजों का
लौट के आना
होता नहीं कभी

6 टिप्‍पणियां:

  1. सन्नाटा सीने में
    कोई चाँद उगाता है
    आवाजों का
    लौट के आना
    होता नहीं कभी

    ...चंद लब्जों गहरी उक्ति.... बहुत सार्थक प्रस्तुति
    नववर्ष की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं

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  2. कल 07/12/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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