मंगलवार, 28 दिसम्बर 2010

चाँद और सन्नाटा


सन्नाटा सीने में
कोई चाँद उगाता है
आवाजों का
लौट के आना
होता नहीं कभी

3 टिप्पणियाँ:

  1. सन्नाटा सीने में
    कोई चाँद उगाता है
    आवाजों का
    लौट के आना
    होता नहीं कभी

    ...चंद लब्जों गहरी उक्ति.... बहुत सार्थक प्रस्तुति
    नववर्ष की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं